Dosti Shayri / Friendship Shayri
नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का हमारे इस ब्लॉग में दोस्तों आज किस आर्टिकल में आपको हम बताने वाले हैं दोस्ती के शायरी फ्रेंडशिप शायरी जो कि आप अपने फ्रेंड्स को भेजकर उसे खुश कर सकते हो आपके लिए काफी अच्छे-अच्छे शायरी लिखें हैं हमें किन है यह शायरियां पढ़कर बहुत खुश होंगे क्योंकि हम दोस्ती की शायरी कुछ इस प्रकार लेकर आए जो आपके दिल को छू लेगा काफी अच्छे-अच्छे शायरी लिखे हुए हैं हमें आशा है हमारे सभी शायरी आपको पसंद आएगी और आप इसे अपने फ्रेंड्स को शेयर करके बहुत खुश होंगे
1)
प्यार में भले ही जूनून है ,
मगर दोस्ती में सुकून है।
2)
ना तुम दूर जाना ना हम दूर जाएंगे ,
अपने-अपने हिस्से की दोस्ती हमनिभाएंगे।
3)
क्या फर्क है मोहब्बत और दोस्ती मे
रहते तो दोनो दिल मे ही है।
लेकिन फर्क तो है वर्षो बाद मिलने पर,
मोहब्बत नजरे चुरा लेती है,
और दोस्ती सीने से लगा लेती है।
4)
तेरे हर एक दर्द का एहसास है मुझे,
तेरी मेरी दोस्ती पर बहुत नाज़ है मुझे,
क़यामत तक न बिछड़ेंगे हम दो दोस्त,
कल से भी ज्यादा भरोसा आज है मुझे।
5)
दोस्ती नज़ारों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,
चाँद-सितारों से हो तो जन्नत कहते हैं,
हसीनों से हो तो मोहब्बत कहते हैं,
और आपसे हो तो उसे किस्मत कहते हैं।
6)
जब मोहब्बत हाथ छोड़ देती है ,
तब दोस्त ही कदम से कदम मिलाकरचलते है।
7)
फूलों-सा ताज़ा रहता है समां मेरा ,
जब मिल जाता है ए-दोस्त साथ तेरा।
8)
तू दूर है मुझसे और पास भी है
तेरी कमी का एहसास भी है
दोस्त तो हमारे लाखों है इस जहां में
पर तू प्यारा भी है और ख़ास भी है।
9)
जब भी मेरे दोस्त आ जाते है ,
गम के मेरे आंसू
ख़ुशी में बदल जाते है।
10)
दोस्ती अगर दूर भी होती है ,
तो भी ये कोहिनूर होती है।
मगर दोस्ती में सुकून है।
2)
ना तुम दूर जाना ना हम दूर जाएंगे ,
अपने-अपने हिस्से की दोस्ती हमनिभाएंगे।
3)
क्या फर्क है मोहब्बत और दोस्ती मे
रहते तो दोनो दिल मे ही है।
लेकिन फर्क तो है वर्षो बाद मिलने पर,
मोहब्बत नजरे चुरा लेती है,
और दोस्ती सीने से लगा लेती है।
4)
तेरे हर एक दर्द का एहसास है मुझे,
तेरी मेरी दोस्ती पर बहुत नाज़ है मुझे,
क़यामत तक न बिछड़ेंगे हम दो दोस्त,
कल से भी ज्यादा भरोसा आज है मुझे।
5)
दोस्ती नज़ारों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,
चाँद-सितारों से हो तो जन्नत कहते हैं,
हसीनों से हो तो मोहब्बत कहते हैं,
और आपसे हो तो उसे किस्मत कहते हैं।
6)
जब मोहब्बत हाथ छोड़ देती है ,
तब दोस्त ही कदम से कदम मिलाकरचलते है।
7)
फूलों-सा ताज़ा रहता है समां मेरा ,
जब मिल जाता है ए-दोस्त साथ तेरा।
8)
तू दूर है मुझसे और पास भी है
तेरी कमी का एहसास भी है
दोस्त तो हमारे लाखों है इस जहां में
पर तू प्यारा भी है और ख़ास भी है।
9)
जब भी मेरे दोस्त आ जाते है ,
गम के मेरे आंसू
ख़ुशी में बदल जाते है।
10)
दोस्ती अगर दूर भी होती है ,
तो भी ये कोहिनूर होती है।
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